रियल मोशन न्यूज़ संवाददाता सिराज अंसारी जामताड़ा
जामताड़ा। छात्र हितों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर गुरुवार को जामताड़ा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जामताड़ा पहुंचे। छात्र-छात्राओं के साथ आम लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। इसी दौरान जामताड़ा स्थित इंदिरा चौक पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर विरोध जताया। पुतला दहन के दौरान केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।
पुतला दहन का तस्वीर
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और आम लोगों में सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि देशभर में छात्र अपने अधिकारों और भविष्य को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विभिन्न स्थानों पर विरोध कर रहे छात्र-छात्राओं के साथ मारपीट की गई और कई छात्र घायल हुए। कुछ घटनाओं में छात्रों की जान जाने का भी दावा प्रदर्शनकारियों ने किया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी है। छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं और उनके परिवार भी उनकी पढ़ाई के लिए संघर्ष करते हैं। ऐसे में परीक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता या पारदर्शिता की कमी छात्रों के भविष्य को प्रभावित करती है।
प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि आखिर छात्रों को अपने अधिकारों के लिए बार-बार सड़कों पर क्यों उतरना पड़ रहा है? सरकार छात्रों की आवाज कब सुनेगी और परीक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब कब देगी?
प्रदर्शन में रिजवान शेख, जसीम अंसारी, हाफिज नाजिर हुसैन, असीदुल अंसारी, जाहिद अंसारी, इझारुल अंसारी, सादिक अंसारी, ताहा अंसारी, अकबर अंसारी, आफताब अंसारी, अपूर्व दास, बिक्रांत दास, राहुल दास, माजेश हेम्ब्रम और शोएब अंसारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं आम लोग मौजूद रहे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अब देखना होगा कि छात्रों के बढ़ते आक्रोश पर केंद्र सरकार क्या कदम उठाती है।




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